relationship me kya kya hota hai, RELATIONSHIP KYA HAI?
RELATIONSHIP me kya kya hota hai, RELATIONSHIP क्या है?
रिलेशनशिप का मतलब एक G/f और B/f नही होता है, या हाल में हुए शादी को आप कहे ये रिलेशनशिप में हैं , ये भी रिलेशनशिप नहीं होता हैं जनाब||
सही मायने में रिलेशनशिप का मतलब, एक ऐसा बंधन जिसमे दो लोग सिर्फ भावनाओं से एक दूसरे से जुड़े होते है..एक ऐसा बंधन जिस पर कोई सामाजिक मोहर या नाम नहीं होता |
लेकिन हां, इस रिश्ते को समाज के हर दिखावटी रिश्ते से बढ़कर दिल फर्ज निभाया जाता है..
इस बंधन को आपको निस्वार्थ भाव निभाना पड़ता है, इसमें आपकी आज़ादी पर कोई पाबन्दी नहीं होती, किसी प्रकार का मानसिक तनाव नहीं होता| आप पर कोई मुसीबत आन पड़ी है तो एक - दुसरे को बताते हुए लोग अपनी समस्या का हल निकाल लेते है| अगर आपकी साथी आपके साथ नही है तो उनका एहसास आपको तन्हा नहीं रहने देता,उनकी मौजूदगी नहीं होने पर भी उनका एहसास आपको हर समस्या से लड़ने की ताकत देता है. क्योंकि यही एक ऐसा विश्वास है जो आपको कमजोर नहीं पड़ने देता.|
सामने वाला शख्स आपकी हँसी में शामिल ख़ुशी,दर्द और नमी पहचान लेता है| आपके लवो पे रुके लब्ज़, आपकी दिल में चलने वाली उल्फ़त, जिसे आप जाहिर न कर पाए उसे नज़रंदाज़ करे फिर भी आपके आपकी आँखों में देखकर वह समझ जाता है| इस रिलेशनशिप में कसमे और वादे की कोई जरूरत नहीं पड़ती,अटूट भरोसा ही काफी होता है, क्यूंकि, ऐसे लोगो की ख़ुशी एक - दूसरे में शामिल होती हैं, उम्र भर निभाए जाने वाले एक भरोसा है, ये चाहे आपके साथ हो या ना हो| रिलेशनशिप का अंत जरुरी नहीं कि शादी हो या बिछड़ जाना हो, इसमें दोनों की रूह एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, एक दूसरे के संपूरक होते हैं| इस अटूट बंधन को बनाये रखने वाले लोग एक-दूसरे से कभी झूठ नही बोलते,उनके प्रति गलत भावना नहीं रखते,ऐसे लोग भी बहुत कम मिलते हैं| क्योंकी झूठ की बुनियाद पर कोई अटूट बंधन नहीं टिकता, भले ही झूठ के बुनियाद पे बने रिश्ते पल दो पल की ख़ुशी दे, लेकिन वो ख़ुशी वक़्त के साथ खत्म हो जाता है| झूठ, झूठ ही होता है| सच्चाई के साथ बंधे रिश्ते में बहुत सारे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं,लेकिन सच्चाई के बुनियाद पर बने रिश्ते में सुकून मिलता है और अटूट होता हैं| (लेकिन आप रिश्ते बनाने के लिए ऐसे ही किसी पे भरोसा न करे, पहले उसे जाने-पहचाने और समझे, फिर निर्णय करें वो आपके लायक है या नहीं, आप उसके लायक है या नहीं,जल्दबाजी में कोई फैसला न ले| )
रिश्ते को निभाने के लिए बहुत कुछ सहना पड़ता हैं,
थोड़ी अपनी कहना और थोड़ी सामने वाले का भी सुनना पड़ता हैं |
रिश्ते बनाए जाते हैं जीवन भर साथ निभाने के लिए,
नाकी लोगो की भावना और उमीदो से खेलने के लिए ||
अगर आप अपने साथी को खोना नहीं चाहते हैं तो कुछ बातें ध्यान में रखें ||
कभी उनसे झूठ न बोले, उनकी कदर करें, उनकी आदर करें, उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दे, उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलें,कोई भी ऐसा मोड़ आ जाये रिश्ते बचाने के लिए झुकना पड़े तो बिना संकोच किये झुक जाये क्यूंकि जो आपसे प्यार करता है... आपको अपना मानता है और आपको खोने से डरता है, यकीं मानो जनाब , उससे प्यारा बंधन कोई हो ही नहीं सकता हैं | शायद कभी गुस्से में आपको जाएदा बोल दे,तो उन्हें मनाओ, प्यार से समझाओ, क्यूंकि कोई सड़क पर चलता राही आप पर गुस्सा नहीं करता और ना ही आपसे प्यार करता है ना ही आपकी कदर करेगा ||
Give respect and love,
then you also get respect and love.
[नोट: एक बात हमेशा याद रखें जो इंसान खुद से प्यार नहीं करता वो किसी को प्यार दे भी नहीं सकता हैं ,नहीं किसी से प्यार लेने के लायक हैं,और नहीं किसी बंधन में बधने के लायक हैं|
इसलिए पहले खुद को समझे,खुद से प्यार करे, खुद को अहमियत दे|| ]
धन्यवाद


Comments